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बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ की परवरिश की पूरी जिमà¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ पेरेंटà¥à¤¸ की होती है। बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को कब कà¥â€à¤¯à¤¾ सिखाना है और कà¥â€à¤¯à¤¾ खिलाना है, ये सब पेरेंटà¥à¤¸ ही देखते हैं। वहीं उमà¥à¤° के हिसाब से à¤à¥€ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को कà¥à¤› आदतें सिखानी होती है, जो पेरेंटà¥à¤¸ की ही जिमà¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ होती है।
जी हां, बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को उनकी उमà¥à¤° के हिसाब से कà¥à¤› आदतें सिखानी होती है और यहां इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में हम आपको उसकी जानकारी दे रहे हैं।
​à¤à¤• से दो साल के बचà¥â€à¤šà¥‡ को कà¥â€à¤¯à¤¾ सिखाà¤à¤‚
इस उमà¥à¤° के बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को देर तक बैठाठरखना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है। बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को May I, Please, Thank You, You’re welcome, Excuse me, I am sorry जैसे शबà¥â€à¤¦ बोलना सिखाà¤à¤‚।
à¤à¤• टी पारà¥à¤Ÿà¥€ करें जिसमें उसके किसी टॉय को à¤à¥€ रखें। अब बचà¥â€à¤šà¥‡ को ऊपर बताठगठशबà¥â€à¤¦à¥‹à¤‚ का सही तरह से इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना सिखाà¤à¤‚।
​3 से 6 साल का बचà¥â€à¤šà¤¾
अब आपको थोड़ा पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° से काम लेना होगा। इस उमà¥à¤° के बचà¥â€à¤šà¥‡ अपनी उमà¥à¤° के बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के साथ खेलते-कूदते हैं और दोसà¥â€à¤¤ बनाते हैं।
इसलिठअब बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को अपने खिलौने शेयर करना सिखाà¤à¤‚। बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को बताà¤à¤‚ कि अपने साथी को चोट पहà¥à¤‚चाना बिलà¥â€à¤•à¥à¤² à¤à¥€ सही नहीं है और उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥‚ठबोलने की आदत से दूर रहना है।
फà¥à¤°à¥‡à¤‚ड के घर से बाहर आने पर बचà¥â€à¤šà¥‡ को गà¥à¤¡ बाय और थैंकà¥â€à¤¯à¥‚ बोलना सिखाà¤à¤‚।
बचà¥â€à¤šà¥‡ को घर में दूसरों की बात सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की आदत डालें ताकि वो कà¥â€à¤²à¤¾à¤¸ में à¤à¥€ इस सà¥à¤•िल से फायदा उठा सके।
​7 से 10 साल के बचà¥â€à¤šà¥‡ की आदतें
इस उमà¥à¤° के बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को सही और गलत की पहचान करने की समठहोनी चाहिà¤à¥¤ बचà¥â€à¤šà¥‡ को बताà¤à¤‚ कि उसे किस चीज पर सहानà¥à¤à¥‚ति और आà¤à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤•ट करना है।
जब बचà¥â€à¤šà¥‡ को अपने जनà¥â€à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ पर कोई तोहफा मिले, तो उसे थैंकà¥â€à¤¯à¥‚ नोट लिखकर देने के लिठकहें।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के अपने दोसà¥â€à¤¤à¥‹à¤‚ के साथ टीम में किस तरह खेलना है और कैसे à¤à¤•-दूसरे की सलाह को मानना है, ये सब सिखाà¤à¤‚। इससे बचà¥â€à¤šà¥‡ में टीम में खेलने के सà¥à¤•िलà¥â€à¤¸ आते हैं और वो लीडर à¤à¥€ बन पाता है।
​बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को कà¥â€à¤¯à¤¾ आदतें सिखाà¤à¤‚
आप अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को सिखाà¤à¤‚ कि उसे अपने से बड़ों के साथ तमीज से बात करनी है और जो उससे छोटे हैं, उनके साथ पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° से पेश आना है।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को सà¥â€à¤•ूल के अंदर शेâ€à¤¯à¤°à¤¿à¤‚ग की आदत सिखाà¤à¤‚। उसे अपना लंच, किताबें और खिलौने वगैरह शेयर करना सिखाà¤à¤‚।
टिपà¥â€à¤¸
बचà¥â€à¤šà¥‡ मासूम होते हैं और उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ सही और गलत की पहचान करना नहीं आता है। यह पेरेंटà¥à¤¸ की जिमà¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ है कि वो अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को सही और गलत के बीच अंतर करना सिखाà¤à¤‚।
छोटी उमà¥à¤° में बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¥‚ठबोलने की आदत à¤à¥€ आसानी से लग जाती है इसलिठपेरेंटà¥à¤¸ को सतरà¥à¤• रहना चाहिà¤à¥¤ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को सिखाà¤à¤‚ कि à¤à¥‚ठबोलना अचà¥â€à¤›à¤¾ नहीं होता है और इससे उसी के आसपास के लोगों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚च सकता है।
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